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HDFC बैंक ने पेश किए तीसरी तिमाही के दमदार नतीजे, बनाया मुनाफे और मजबूती का नया रिकॉर्ड!

HDFC बैंक ने पेश किए तीसरी तिमाही के दमदार नतीजे, बनाया मुनाफे और मजबूती का नया रिकॉर्ड!

HDFC Bank Q3 Results: एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. बैंक का मुनाफा 18,653 करोड़ रुपये रहा और एसेट क्वालिटी भी मजबूत बनी हुई है. पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें.

HDFC बैंक ने पेश किए तीसरी तिमाही के दमदार नतीजे, बनाया मुनाफे और मजबूती का नया रिकॉर्ड!

जब बात भरोसे और मुनाफे के तालमेल की आती है, तो भारतीय बैंकिंग जगत में एक ही नाम सबसे ऊपर चमकता है, एचडीएफसी बैंक. शनिवार की दोपहर जब दिल्ली में बैंक के बोर्ड मेंबर्स की बैठक खत्म हुई, तो जो आंकड़े सामने आए उन्होंने बाजार के पंडितों को भी हैरान कर दिया. 40.89 लाख करोड़ रुपये के विशाल एसेट बेस और 28.60 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम जमा राशि के साथ बैंक ने अपनी बादशाहत पर एक बार फिर मुहर लगा दी है.

स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड आंकड़े
दिसंबर 2025 को खत्म हुई इस तिमाही में एचडीएफसी बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा 18,653.75 करोड़ रुपये रहा. अगर पिछले साल की इसी तिमाही से तुलना करें, तो यह एक बड़ी छलांग है. वहीं, बैंक का टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) 24,259.94 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है.

अगर पूरे ग्रुप की बात करें, जिसमें बीमा और अन्य वित्तीय सेवाएं भी शामिल हैं, तो कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 19,806.63 करोड़ रुपये रहा है. यह आंकड़ा दिखाता है कि बैंक सिर्फ लोन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि बीमा और ट्रेजरी ऑपरेशन्स से भी इसकी कमाई काफी तगड़ी हो रही है.

कहां से आया इतना पैसा?
इस तिमाही के दौरान बैंक की कुल स्टैंडअलोन आय बढ़कर 90,005 करोड़ रुपये हो गई है, जबकि पिछले साल यह 87,460 करोड़ रुपये थी. कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा ‘ब्याज’ (Interest Income) से आया है, जो बैंक द्वारा दिए गए लोन और निवेश पर मिलता है.

इसके अलावा, फीस, कमीशन, विदेशी मुद्रा लेनदेन और पुराने डूबे हुए कर्ज की वसूली (Recoveries) ने भी बैंक की झोली भरने में मदद की है. ग्रुप लेवल पर बैंक की आय 1.27 लाख करोड़ रुपये रही, जिसमें लाइफ इंश्योरेंस और जनरल इंश्योरेंस प्रीमियम का बड़ा योगदान रहा.

क्या बैंक का कर्ज सुरक्षित है?
किसी भी बैंक की सेहत उसके एनपीए (NPA) यानी ‘फंसे हुए कर्ज’ से मापी जाती है. एचडीएफसी बैंक इस मामले में काफी सुरक्षित स्थिति में है. बैंक का ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) 1.24% पर स्थिर है, जो पिछली तिमाही में भी इतना ही था. वहीं, नेट एनपीए सिर्फ 0.42% है.

HDFC बैंक ने पेश किए तीसरी तिमाही के दमदार नतीजे, बनाया मुनाफे और मजबूती का नया रिकॉर्ड!

रुपये में देखें तो ग्रॉस एनपीए 35,178.98 करोड़ रुपये है. बैंक ने भविष्य के किसी भी जोखिम से निपटने के लिए 9,000 करोड़ रुपये का फ्लोटिंग प्रोविजन भी बनाया है. यह बैंक की दूरगामी सोच को दिखाता है कि वो बुरे वक्त के लिए अभी से तैयारी करके चल रहा है.

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बैलेंस शीट की मजबूती और कैपिटल की स्थिति
बैंक का कुल एसेट बेस अब 40.89 लाख करोड़ रुपये का हो चुका है. बैंक ने बाजार में 28.21 लाख करोड़ रुपये के लोन (Advances) बांटे हैं, जबकि ग्राहकों ने बैंक पर भरोसा जताते हुए 28.60 लाख करोड़ रुपये की जमा राशि (Deposits) रखी है.

पूंजी की पर्याप्तता को दर्शाने वाला कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) 19.87% है, जो रेगुलेटरी जरूरतों से काफी ऊपर है. इसका सीधा मतलब है कि बैंक के पास भविष्य में और ज्यादा लोन बांटने और बिजनेस बढ़ाने के लिए पर्याप्त पैसा मौजूद है.

नौ महीने का शानदार ट्रैक रिकॉर्ड
सिर्फ एक तिमाही ही नहीं, बल्कि इस वित्त वर्ष के बीते नौ महीनों का प्रदर्शन भी लाजवाब रहा है. अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा 55,450.24 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी समय 49,731.22 करोड़ रुपये था.

रिटेल बैंकिंग और होलसेल बैंकिंग दोनों ही सेगमेंट ने इस ग्रोथ में कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया है. डिजिटल बैंकिंग सेगमेंट में भी लगातार विस्तार हो रहा है, हालांकि नई टेक्नोलॉजी पर भारी निवेश के कारण फिलहाल यहां मुनाफा थोड़ा सीमित है.

नए लेबर कोड और HTB की लिस्टिंग का असर
इस रिपोर्ट में कुछ विशेष खर्चों और लाभ का भी जिक्र है. सरकार के नए लेबर कोड लागू होने की वजह से बैंक पर करीब 800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा है. वहीं, ग्रुप लेवल पर यह असर 1,000 करोड़ रुपये से ऊपर रहा.

लेकिन, एक अच्छी खबर यह रही कि एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज (HDB Financial Services) की लिस्टिंग से बैंक को एकमुश्त बड़ा फायदा हुआ, जिसने नौ महीने के कुल मुनाफे को बूस्ट करने का काम किया.

मैनेजमेंट में बदलाव
नतीजों के साथ ही बैंक ने एक बड़ा अपडेट मैनेजमेंट को लेकर भी दिया है. बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भावेश झवेरी 18 अप्रैल 2026 को रिटायर हो रहे हैं. उन्होंने बैंक के साथ अपना कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है और वे अब ग्रुप की अन्य कंपनियों या बैंकिंग से बाहर नए मौकों की तलाश करेंगे. बोर्ड ने बैंक के विकास में उनके योगदान की सराहना की है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल-FAQs
Q1. एचडीएफसी बैंक का इस तिमाही का नेट प्रॉफिट कितना रहा?

बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 18,653.75 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले स्थिर और पिछले साल के मुकाबले बेहतर है.

Q2. बैंक की एसेट क्वालिटी कैसी है?

बैंक की एसेट क्वालिटी काफी मजबूत है. इसका ग्रॉस एनपीए 1.24% और नेट एनपीए 0.42% पर बना हुआ है.

Q3. बैंक के पास कुल कितनी जमा राशि (Deposits) है?

31 दिसंबर 2025 तक एचडीएफसी बैंक के पास लगभग 28.60 लाख करोड़ रुपये की कुल जमा राशि दर्ज की गई है.

Q4. क्या मैनेजमेंट में कोई बड़ा बदलाव हुआ है?

जी हां, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भावेश झवेरी 18 अप्रैल 2026 को रिटायर होने वाले हैं.

Q5. बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो क्या है?

HDFC बैंक ने पेश किए तीसरी तिमाही के दमदार नतीजे, बनाया मुनाफे और मजबूती का नया रिकॉर्ड!

बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 19.87% है, जो यह दिखाता है कि बैंक आर्थिक रूप से बेहद सुरक्षित स्थिति में है.

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